कॉलम

सूचना क्रांति की टूंटूं

सूचना क्रांति हो चुकी है. सामने ख़ाली बैठे आदमी को फोन लगाइए तो आवाज़ आती है कि सामने वाला उपलब्ध…

7 years ago

सखा का आमलेट और कानपुर वाले रज्जू मामा के टमाटर

सखा की शादी हुए दो माह बीत गए थे. इस दौरान वे केरल और राजस्थान जाकर हनीमून निबटा आये थे.…

7 years ago

इक आग का दरिया था और डूब के जाना था – गणित का परचा

मशहूर कथाकार मुंशी प्रेमचंद को गणित हिमालय सी ऊँचाई का लगता था. आगे की कई पीढ़ियों को भी लगा. महावीर…

7 years ago

बिनसर में इटली का संत

लम्बे धवल केश और वैसी ही लम्बी धवल दाढ़ी वाले उस खूबसूरत अंगरेज़ को देखकर किसी को भी धोखा हो…

7 years ago

इतना हरा इतना बिनसर

अल्मोड़ा से कोई तीस-पैंतीस किलोमाटर दूर बिनसर वन्यजीव अभयारण्य की सुन्दरता बरसातों में कई गुना बढ़ जाती है. हरियाली का…

7 years ago

शऊर हो तो सफ़र ख़ुद सफ़र का हासिल है – 7

जरूरत है जरूरत है... सख्त जरूरत है ! इसके पहले मैं गंभीर गायन को बड़ी दी के `मेरे जल्फ़ को…

7 years ago

दिल टूटे हुए आशिकों का नया एन्थम सांग

साल 2008 था और गाना तूने मेरे जाना कभी नहीं जाना इश्क मेरा दर्द मेरा. यह गाना 2008 से 2009…

7 years ago

टीचर्स डे स्पेशल : नकलची छात्र और दयालु मास्साब

तब यूपी सरकार का बहुचर्चित नक़ल अध्यादेश लागू नहीं हुआ था. हालाँकि जब यह लागू भी हुआ तो उस माहौल…

7 years ago

हजारे का चूरा

आज न जाने कैसे अचानक ‘चूरे’ की याद आ गई- जैसे वर्षों बाद कोई बाल सखा सामने आ जाए. सचमुच…

7 years ago

कछुआ खरगोश की अल्मोड़िया कथा

पटवारी पद के सैकड़ों उम्मीदवार शारीरिक दमखम साबित करने के लिए दस किलोमीटर की दौड़ में हिस्सा ले रहे थे.…

7 years ago