कॉलम

अल्मोड़िया राइटर डेढ़ यार: पहुंचे टेसन अंधेरी-खार

अल्मोड़ा से बम्बई चले डेढ़ यार – दूसरी क़िस्त पिछली क़िस्त में उत्तराखंड से हिंदी साहित्य में कूद पड़े हमारे…

8 years ago

शऊर हो तो सफ़र ख़ुद सफ़र का हासिल है – 10

पुलिस का चेहरा बदल रहा है आज आई जी ए के रतूड़ी सर का व्याख्यान हुआ. रतूड़ी सर बोलते हैं…

8 years ago

सरग ददा पाणी दे

चौमासे की झुर-झुर ख़त्म होने के बाद का, भीगी खुनक लिए पहाड़ों का मौसम अपने परदेसियों को धाद (आवाज) देने…

8 years ago

जनता के साथ धोखा हैं भगत सिंह पर बनी फिल्में

भगत सिंह के जीवन पर बनी फिल्में बुद्धिजीवियों और इतिहासकारों के मध्य भी चर्चा का विषय बनी रहीं. इसलिए कि…

8 years ago

तुम क्या समझोगे फिल्मों के लिए हमारा जुनून

तुम क्या समझोगे फिल्मों के लिए हमारा जुनून - दिनेश कर्नाटक  आज के बच्चे और नौजवान फिल्मों के साथ हमारे…

8 years ago

पोर्न और नशे से अटती जा रही है बच्चों की दुनिया

"हमने कभी सिखाया नहीं, लेकिन हमारा बेटू हमसे ज्यादा मोबाइल के बारे में जानता है" - हर माँ-बाप की नज़र…

8 years ago

जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़ियाँ करतीं हैं बसेरा

घर में मेथी के भुने बीजों में छौंकी गयी लौकी की सब्जी बनी थी जिसे नाश्ते में रात की बासी…

8 years ago

कोयले की अठन्नी, धागे पर हड्डी उर्फ़ जरा माचिस देना उस्ताद!

भूतचरित -शंभू राणा न जाने क्या बात है कि आज-कल लोग भूतों की बात नहीं करते, उनकी कहानियां नहीं सुनाते.…

8 years ago

चक्की, बुढ़िया और बच्चे की कहानी

सुदूर पहाड़ी गाँव में पठाली से छाये लाल मिट्टी और गोबर से लीपे गए एक घर के कोने मे लगाई…

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फूलदेई से पहले खिलते हैं प्योंली के फूल

आसमान को छेदती, नुकीली ऊँची-ऊँची बर्फीली चोटियों की तलहटी में देवदार,भोज और रिंगाल के हरे-भरे सघन जंगलों के बीच एक…

8 years ago