कॉलम

मार्कण्डेय की कहानी ‘हंसा जाई अकेला’

वहाँ तक तो सब साथ थे, लेकिन अब कोई भी दो एक साथ नहीं रहा. दस-के-दसों अलग-अलग खेतों में अपनी…

2 years ago

अल्मोड़े का लच्छी राम थिएटर उर्फ़ रीगल सिनेमा

1968-69 का अल्मोड़ा शहर और उसकी शांत मॉल रोड जिस पर बड़े डाकख़ाने के निकट स्थित था, अल्मोड़े का प्रमुख…

2 years ago

पत्नी का पत्र

श्रीचरणकमलेषु, आज हमारे विवाह को पंद्रह वर्ष हो गए, लेकिन अभी तक मैंने कभी तुमको चिट्ठी न लिखी. सदा तुम्हारे…

2 years ago

जवाहरलाल नेहरू के ‘बेडू बॉय’ मोहन उप्रेती की आज पुण्यतिथि है

1955 भारत और सोवियत संघ के बीच गर्मजोशी के रिश्तों का बरस था. भारत के दौरे पर सोवियत रूस के…

2 years ago

आज आंचलिक त्यौहार वट सावित्री है

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में आज का दिन बड़ा पवित्र माना जाता है. आज महिलाएं वट सावित्री का उपवास रखती…

2 years ago

सैर सपाटा और फर्राटा नहीं हैं चार धाम

भारत में उत्तराखंड की चार धाम यात्रा की परंपरा हजारों वर्ष पुरानी है. दुर्गम और उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित…

2 years ago

गढ़वाल हिमालय के नैसर्गिक स्थलों और जनजीवन को चित्रित करती पुस्तक ‘परियों के देश खैट पर्वत में’

किसी भी स्थान अथवा क्षेत्र विशेष के इतिहास, समाज, संस्कृति और वहां की सभ्यता से साक्षात्कार करने की दिशा में…

2 years ago

कुमाऊनी बोली के प्रकार

ग्रियर्सन, गंगादत्त उप्रेती तथा बद्रीनाथ पांडे और राहुल सांकृत्यायन ने कुमाऊं में प्रचलित बोलियों के नमूने दिए हैं. एक उदाहरण…

2 years ago

छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : आ चल के तुझे, मैं ले के चलूँ, इक ऐसे गगन के तले

पिछली कड़ी : छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : हवाओं पै लिख दो हवाओं के नाम हवाएं बिल्कुल सर्द हैं, हिमकणों की फुहार…

2 years ago

केदारघाटी : सनातन धर्म के तीन प्रमुख सम्प्रदायों का समन्वय

केदारघाटी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्यमिकता के लिए जानी जाती है. लेकिन इस घाटी में सनातन धर्म के तीन प्रमुख…

2 years ago