दिनेश कर्नाटक

कहानी : भिटौली यानी मां उदास हैकहानी : भिटौली यानी मां उदास है

कहानी : भिटौली यानी मां उदास है

भिटौली का महीना शुरू हो चुका था. अगल-बगल की महिलाओं की भिटौली पहुँचने लगी थी. कागज की पुड़िया में मिठाई-बतासे…

3 years ago
काली कुमाऊँ का शेरदाकाली कुमाऊँ का शेरदा

काली कुमाऊँ का शेरदा

पिछले कुछ दिनों जैसा उदास और रूखा-सूखा दिन था. बारिश न होने के कारण मौसम खुश्क हो चला था. जनवरी…

4 years ago
कहानी: भागने वाली लड़कियांकहानी: भागने वाली लड़कियां

कहानी: भागने वाली लड़कियां

लड़कियों के लिए सड़क की ओर की चढ़ाई चढ़ना किसी यातना से गुजरने जैसा रहा. खड़ी चढ़ाई उनके ही नहीं…

5 years ago
कोई जगह किसी का इंतजार नहीं करती ?कोई जगह किसी का इंतजार नहीं करती ?

कोई जगह किसी का इंतजार नहीं करती ?

कुछ स्मृतियां इस तरह की होती हैं कि आपका पीछा नहीं छोड़ती. सोते-जागते, उठते-बैठते आपको परेशान करते रहती है. आप…

6 years ago
दूसरे की थाली पर नजर रखने वालेदूसरे की थाली पर नजर रखने वाले

दूसरे की थाली पर नजर रखने वाले

कुछ लोग होते हैं, जो अपनी क्षमता तथा सामर्थ्य के अनुसार अपने जीवन की बेहतरी की कोशिश करते हैं. इसमें…

6 years ago
डरने वाले भाई साहबडरने वाले भाई साहब

डरने वाले भाई साहब

भाई साहब डरने वाले व्यक्ति हैं. उनके डर कई प्रकार के हैं. वे सुबह उठते समय आने वाले दिन की…

6 years ago
पढ़ाई से महत्वपूर्ण होती सूचनापढ़ाई से महत्वपूर्ण होती सूचना

पढ़ाई से महत्वपूर्ण होती सूचना

एक समय था, जब पढ़ती हुई क्लास तथा पढ़ाते हुए शिक्षक को बड़े सम्मान से देखा जाता था. कोई व्यक्ति…

6 years ago
उनका भाषण प्रेमउनका भाषण प्रेम

उनका भाषण प्रेम

वे न्यू छंगामल इंटर कालेज के प्रिंसिपल थे.वही राग दरबारी जैसा छंगामल इंटर कालेज. उसी की तरह मैनेजमेंट का विद्यालय.…

6 years ago
भाई साहब की बहुमुखी प्रतिभाभाई साहब की बहुमुखी प्रतिभा

भाई साहब की बहुमुखी प्रतिभा

भाई साहब एक साथ कई प्रतिभाओं के मालिक हैं यानी बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं. भाई साहब मौके के हिसाब…

6 years ago
चलने के भ्रम के साथ चलते भाई साहबचलने के भ्रम के साथ चलते भाई साहब

चलने के भ्रम के साथ चलते भाई साहब

मनुष्य जिंदा होगा तो चलेगा-फिरेगा. चलेगा तभी अपने तथा दूसरों के लिए कुछ अच्छा कर सकेगा. चलने के लिए अच्छा…

6 years ago