कला साहित्य

कहानी : शिकार की जुगत

गांव में लगातार तीन दिन बारिश होने के बाद आज शिकार की जुगत कार्यक्रम का आयोजन गोकुल के घर पर…

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शैलेश मटियानी की कहानी ‘लाटी’

लाटी अपने वरुण विलाप की मर्मवेधी चीत्कारों से इर्दगिर्द जुटे लोगों को ऐसे झकझोर रही थी, जैसे कोई अचानक बाढ़…

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शतरंज के खिलाड़ी

वाजिदअली शाह का समय था. लखनऊ विलासिता के रंग में डूबा हुआ था. छोटे-बड़े, अमीर-गरीब, सभी विलासिता में डूबे हुए…

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बादलों में भवाली: भवाली की जड़ों को टटोलती किताब

अंग्रेजी वर्तनी के अनुसार भोवाली, अतीत में भुवाली और अब भवाली नाम से जाना जाने वाला यह छोटा सा कस्बा…

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सयानी बुआ : कहानी

-मन्नू भंडारी सब पर मानो बुआजी का व्यक्तित्व हावी है. सारा काम वहाँ इतनी व्यवस्था से होता जैसे सब मशीनें…

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बकरे का सौदा जो सोने के दिखावे में बदल गया : लोककथा

आहा, तो बड़ी पुरानी बात होगी. एक कस्बे में खूब बड़ा सेठ रहा करता था. एक दिन उसकी सेठानी को…

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इति : बुकर पुरस्कार विजेता गीतांजलि श्री की कहानी

मौत को लेकर हम आतंकित थे कि जब वह आदमी मरेगा तो यह सारी झंझट होगी कि क्या कहाँ कैसे…

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‘भँवर: एक प्रेम कहानी’ में प्रेम के कई रंग दिखते हैं

भँवर एक प्रेम कहानी, हाल ही में प्रकाशित उपन्यास है. उत्तराखण्ड के सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक, अनिल रतूड़ीजी, इस कृति के…

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बैरासकुण्ड की यादें

गाँव के अपने घर से निकल कर मंदिर की ओर का रास्ता लेता हूँ . वापिस देहरादून लौटने के पहले…

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कोई दुख न हो तो बकरी ख़रीद लो: प्रेमचंद की कहानी

उन दिनों दूध की तकलीफ थी. कई डेरी फर्मों की आजमाइश की, अहीरों का इम्तहान लिया, कोई नतीजा नहीं. दो-चार…

4 years ago