कला साहित्य

शैलेश मटियानी की कहानी ‘हारा हुआ’

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree आस-पास जुड़ आए औरत-मर्दों की उपस्थिति में ही…

4 years ago

सद्गति : हिंदी की श्रेष्ठ कहानियों में से एक

-प्रेमचंद दुखी चमार द्वार पर झाडू लगा रहा था और उसकी पत्नी झुरिया, घर को गोबर से लीप रही थी.…

4 years ago

कथाकार शेखर जोशी की कहानी ‘कोसी का घटवार’

शेखर जोशी का जन्म 10 सितंबर 1932 को उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के ओलिया गांव में जन्म हुआ. अनेक सम्मानों…

4 years ago

‘चिड़ी की दुक्की’ अजब है यह कहानी

नाम तो उनका अब्दुल हई था मगर दिलवालियाँ उन्हें प्यार से 'हाय' कहा करती थीं. वो थे भी सर से…

4 years ago

औरत पहाड़ का नाम है

आंचलिक भाषा मेंमांगलिक गीत गाते हुएवे रोपती हैंज़िदगी की जड़ें पानी में रंग-बिरंगी पोशाकेंमाटी में सने हाथजैसेपिघले सोने में सने…

4 years ago

जीवन का सत्य है अज्ञेय की कहानी ‘दुःख और तितलियाँ’

शेखर उस पहाड़ी से उतरता हुआ चला जा रहा था. उसके क़दम अपनी अभ्यस्त साधारण गति से पड़ रहे थे,…

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एक दिन का मेहमान – कहानी

उसने अपना सूटकेस दरवाजे के आगे रख दिया. घंटी का बटन दबाया और प्रतीक्षा करने लगा. मकान चुप था. कोई…

4 years ago

हिमालय और उसके जन-जीवन की गहन पड़ताल है ‘दावानल’

अब ताला क्या लगाना!तो क्या कोठरी खुली ही छोड़ दे?असमंजस में वह बंद दरवाजे के सामने खड़ा रह गया.(पृष्ठ-9) ‘दावानल’…

4 years ago

शैलेश मटियानी की कहानी ‘कठफोड़वा’

पूरे दो वर्षों के अंतराल पर आज चंदन का तिलक माथे पर लगाया धरणीधरजी ने, तो लगा, किसी तपे तवे…

4 years ago

गिर्दा की कविता ‘मोरि कोसि हरै गे कोसि’

आज जनकवि गिरीश चन्द्र तिवारी 'गिर्दा' की पुण्यतिथि है. 22 अगस्त 2010 को अपने सभी प्रियजनों को अलविदा कहने वाले…

4 years ago