कला साहित्य

हिमालय और उसके जन-जीवन की गहन पड़ताल है ‘दावानल’हिमालय और उसके जन-जीवन की गहन पड़ताल है ‘दावानल’

हिमालय और उसके जन-जीवन की गहन पड़ताल है ‘दावानल’

अब ताला क्या लगाना!तो क्या कोठरी खुली ही छोड़ दे?असमंजस में वह बंद दरवाजे के सामने खड़ा रह गया.(पृष्ठ-9) ‘दावानल’…

3 years ago
शैलेश मटियानी की कहानी ‘कठफोड़वा’शैलेश मटियानी की कहानी ‘कठफोड़वा’

शैलेश मटियानी की कहानी ‘कठफोड़वा’

पूरे दो वर्षों के अंतराल पर आज चंदन का तिलक माथे पर लगाया धरणीधरजी ने, तो लगा, किसी तपे तवे…

3 years ago
गिर्दा की कविता ‘मोरि कोसि हरै गे कोसि’गिर्दा की कविता ‘मोरि कोसि हरै गे कोसि’

गिर्दा की कविता ‘मोरि कोसि हरै गे कोसि’

आज जनकवि गिरीश चन्द्र तिवारी 'गिर्दा' की पुण्यतिथि है. 22 अगस्त 2010 को अपने सभी प्रियजनों को अलविदा कहने वाले…

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अनुपमा का प्रेमअनुपमा का प्रेम

अनुपमा का प्रेम

ग्यारह वर्ष की आयु से ही अनुपमा उपन्यास पढ़-पढ़कर मष्तिष्क को एकदम बिगाड़ बैठी थी. वह समझती थी, मनुष्य के…

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वह एक प्रेम पत्र थावह एक प्रेम पत्र था

वह एक प्रेम पत्र था

तहसील का मुख्यालय होने के बावजूद शिवपालगंज इतना बड़ा गाँव न था कि उसे टाउन एरिया होने का हक मिलता.…

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बिश्नु : पहाड़ की कहानीबिश्नु : पहाड़ की कहानी

बिश्नु : पहाड़ की कहानी

‘होई नाती जा पै आपण ख्याल करिये मेरी चिन्ता झन करिये भेटण हूँ कै औने रयै, आपण बाप रन्कर जस…

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तीसमारखां : नवीन सागर की कहानीतीसमारखां : नवीन सागर की कहानी

तीसमारखां : नवीन सागर की कहानी

नगरपालिका बनी तो सरकार ने प्रशासनिक अधिकारी भेजा. अधिकारी युवा था. लम्बे बाल रखता था और गजलें गाता था. बोलता…

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आज वीरेन डंगवाल का जन्मदिन हैआज वीरेन डंगवाल का जन्मदिन है

आज वीरेन डंगवाल का जन्मदिन है

वीरेन डंगवाल (5.8.1947,कीर्ति नगर,टिहरी गढ़वाल – 28.9.2015, बरेली,उ.प्र.) हिंदी कवियों की उस पीढ़ी के अद्वितीय, शीर्षस्थ हस्ताक्षर माने जाएँगे जो…

3 years ago
विद्यासागर नौटियाल की कहानी ‘जंगलात के सरोले’विद्यासागर नौटियाल की कहानी ‘जंगलात के सरोले’

विद्यासागर नौटियाल की कहानी ‘जंगलात के सरोले’

ये चिपको वाले चैन नहीं लेने देंगे. पिछले कुछ वर्षों से पहाड़ पर तैनात डी.एफ.ओ. (डिविज़नल फॉरेस्‍ट ऑफीसर, प्रभागीय वनाधिकारी)…

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निर्मल वर्मा की कहानी ‘परिंदे’निर्मल वर्मा की कहानी ‘परिंदे’

निर्मल वर्मा की कहानी ‘परिंदे’

अंधेरे गलियारे में चलते हुए लतिका ठिठक गयी. दीवार का सहारा लेकर उसने लैम्प की बत्ती बढ़ा दी. सीढ़ियों पर…

3 years ago