समाज

पिछली सदी के पहाड़ का दर्द जी उठता है त्रिलोक सिंह कुंवर की आत्मकथा में

हल्द्वानी के रहने वाले श्री त्रिलोक सिंह कुंवर की यह जीवनगाथा मानवीय संवेदनाओं और संघर्षों का ऐतिहासिक बयान है. एक…

7 years ago

एबट माउंट वाले अंग्रेज साहब का किस्सा

उत्तराखण्ड में कुमाऊँ के जिला चम्पावत के लोहाघाट नगर के नजदीक एबट माउंट नामक एक बहुत ही खूबसूरत स्थान है.…

7 years ago

राजा ज्ञानचंद को गरुड़ज्ञानचंद क्यों कहते हैं?

चन्द शासकों में सबसे ज्यादा समय तक गद्दी में बैठने वाले शासक का नाम है राजा ज्ञानचंद. कुछ लोगों ने…

7 years ago

आदियोग फाउंडेशन वाली मानसी जोशी से मिलिए

देश भर में हाल के वर्षों में आई महिला जागृति की लहर उत्तराखंड में भी देखी जा सकती है. अनेक…

7 years ago

नौलिंग देवता और सनगड़िया मसाण की कहानी

भगवान मूल नारायण ने अपने दोनों पुत्रों बज्यैण और नौलिंग को अपने से समान दूरी पर भनार और सनगाड़ भेजा…

7 years ago

कुमाऊं में अन्नप्राशन संस्कार

अन्नप्राशन संस्कार बच्चे के दांत निकलने से पहले किया जाता है. कुमाऊं में इसे अनपासनि, पासणि भी कहा जाता है.…

7 years ago

आज गंगा दशहरा है

आज गंगा दशहरा है. पहाड़ों में इसे दसार या दसौर भी कहते हैं. इस वर्ष गंगा दशहरा 12 जून, 2019…

7 years ago

कुमाऊंनी लोकगीतों में सामाजिक चित्रण

लोकगीतों से हमारा तात्पर्य लोक साहित्य के उन रूपों से है, जो प्रायः अलिखित रहकर जन-साधारण द्वारा निर्मित होते हुए…

7 years ago

तराई-भाबर की लीची न खाई तो क्या खाया

लीची आ गई हैं. बाग-बगीचों में, वहां से तोड़कर बाजारों में और मेरे घर पर भी. लीची मेरा प्रिय फल…

7 years ago

बाघनाथ मंदिर में सूरज की मूर्ति और सूरज के ऊंचे बूट

गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं. पहाड़ों में इन दिनों दिल्ली और अन्य बड़े शहरों के बच्चे ठंडी हवा…

7 years ago