अल्मोड़ा से बम्बई चले डेढ़ यार – तीसरी क़िस्त कठोपनिषद की तीसरी वल्ली (अध्याय) का पहला मंत्र है: ऊर्ध्व्मूलोSवक्शाख एशोSश्वत्थः…
लड़के, पढ़ने के लिए देहात से शहर जाते थे. आसपास के इलाकों में अव्वल तो कोई इंटर कॉलेज नहीं था.…
पहला दखल वो एक नम सुबह थी. ये बताना मुश्किल है कि कल रात की ओस ने देवदार की गहरी…
लखनऊ में बर्लिंगटन चौराहे से केसरबाग को जाने वाली सड़क पर ओडियन सिनेमाघर से कुछ आगे, बाएं हाथ की तरफ…
(पिछली क़िस्त - दिल्ली से तुंगनाथ वाया नागनाथ – 1) गडोलिया गांव से निकलते समय बांध के पानी के उस…
अल्मोड़ा में पिछले कई दशकों से मुहर्रम के अवसर पर ताज़िये बनाये जाते हैं जिसे अंजुमन सेवा समिति द्वारा आयोजित…
कह तो शेखर ने कोटद्वार, गढ़वाल में ही दिया था कि अगली बार चमोली जिले में नागनाथ-पोखरी पहुंचना है, वहां…
इटली में 1901 में पैदा हुए फिल्मकार वित्तोरियो डी सिका यथार्थवादी सिनेमा के उस्ताद हैं. यह कहना अतिश्योक्ति न होगी…
(पिछली कड़ी - सूरज की मिस्ड काल भाग- 1) न जाने नछत्रों से कौन, निमंत्रण देता मुझको मौन – सुमित्रानंदन…
क्रिकेट का एक ऐसा विश्व रिकॉर्ड भी है जिसे आज तक कोई नहीं तोड़ सका है. यह रिकॉर्ड टेस्ट इतिहास…