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वसंत के मौसम में बिनसर

अल्मोड़ा जिले से करीब करीब तीस किमी की दूरी पर है बिनसर. बिनसर जो कि बिनसर वन्य जीव अभ्यारण का हिस्सा है. बिनसर जहां से हिमालय की चोटियों का जादुई नज़ारा दिखता है. Binsar in Spring

समुद्र तल से 2,420 मीटर की ऊंचाई पर बसा बिनसर दुनिया के सबसे सुंदर स्थानों में है. वंसत के आगमन के साथ एक अलग किस्म की सुंगध से भर जाता है. इस मौसम में चलने वाली हवा और पेड़ पौंधों के रंग इस सुगंध और भी मादक बना देते हैं.

वंसत के इस मौसम में बिनसर की खूबसूरती और पर चार चांद लगाने का काम करते हैं सुर्ख लाल बुरुंस. Binsar in Spring

बिनसर की सुबह होती है विशाल हिमालय के दर्शन से. दूर तक फैले बादलों के बाद दिखने वाली हिमालय की लम्बी श्रृंखला बिनसर का दीवाना बना देती है.

हरी-सूखी पत्तियां, गहरे भूरे रंग की लकड़ियां और उस पर शाम की हल्की धूप में जंगल के मटमैले रास्ते यूं नज़र आते हैं जैसे उसपर सदियों से कोई चला ही न हो.

हरे पेड़ों के बीच कहीं से दिखने वाले नीले आसमान में बादलों से बनी अनेक आकृति यूं एहसास दिलाती है कि प्रकृति अपना रचा सिनेमा ख़ुद दिखाना चाहती हो और छूट देती हो कि हर कोई अपनी अपनी कहानी देख सके. Binsar in Spring

बिनसर में चलने का आनन्द अद्भुत है देखिये इन दिनों बिनसर की कुछ तस्वीरें :

फोटो : कमलेश कांडपाल
फोटो : कमलेश कांडपाल
फोटो : कमलेश कांडपाल
फोटो : कमलेश कांडपाल
फोटो : कमलेश कांडपाल
फोटो : कमलेश कांडपाल
फोटो : कमलेश कांडपाल
फोटो : कमलेश कांडपाल
फोटो : कमलेश कांडपाल
फोटो : कमलेश कांडपाल
फोटो : कमलेश कांडपाल
फोटो : कमलेश कांडपाल

मूल रूप से बागेश्वर के रहने वाले कमलेश काण्डपाल कुमाऊं क्षेत्र के जाने-माने कम्प्यूटर इंजीनियर हैं. घूमने और फोटोग्राफी के शौकीन कमलेश मोबाइल से देश- दुनिया की अद्भुत तस्वीरें साझा करते रहते हैं.

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