Featured

कीचड़ भरे मैदान पर भर्ती की दौड़ लगाते उत्तराखण्ड के नौजवान

इन दिनों उत्तराखण्ड के कुमाऊं मंडल के बनबसा कस्बे में सेना की भर्ती चल रही है. इस भर्ती में अलग-अलग जिलों के लिए अलग-अलग दिन तय किये गए हैं. इस दौरान जबर्दस्त बरसात होने की वजह से शारीरिक परीक्षा के लिए तय ग्राउंड के हालात बहुत ख़राब हो गए. इस ग्राउंड में दौड़ लगाना साबुन की बट्टी पर चढ़कर दौड़ लगाने सरीखा असंभव कार्य हो गया. कीचड़ और पानी से भरे मैदान में लगाई गयी दौड़ में न जाने कितने नौजवानों के सपने फिसलकर खाई में गिर गए होंगे.

फोटो: मन बिष्ट की फेसबुक वाल से

छावनी मैदान के अलावा और कोई मैदान उपलब्ध न होने के कारण सेना ने दौड़ का दिन आगे बढ़ाने के बजाय कीचड़ पर ही दौड़ करवाई गयी. दौड़ के दौरान कई युवा फिसलकर गिर जा रहे थे. सामान्य मैदान तक में भर्ती की दौड़ निकालने में अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं तो कीचड़ ने इसे और ज्यादा असंभव बना दिया. कई युवा इस मैदान की वजह से दौड़ निकालने से रह गए होंगे.

फोटो: मन बिष्ट की फेसबुक वाल से

इतना ही नहीं इस कस्बे में खाने, रहने के पर्याप्त बंदोबस्त न होने के कारण इन नौजवानों को स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए अस्थायी टेंटों में रात बितानी पड़ी. इन दिनों लगातार हो रही बारिश की वजह से इन टैंटों के अन्दर पानी घुस गया, जिस वजह से नौजवान रात भर ठीक से सो नहीं पाए. अचानक आई बारिश के कारण कारोबारी खाना नहीं बना पाए और युवकों को भूखे ही सोना पड़ा.

इस अफरातफरी में जेबकतरे और जालसाज भी सक्रिय रहे. कई अस्थाई टेंटों से कई युवाओं के मोबाइल, पर्स साफ़ कर दिए गए.

मनमानी दरों पर स्टाम्प बेचकर शपथपत्र बनाने वाले. नकली दस्तावेज और पैसे लेकर भर्ती करवाने वाले नटवरलालों का गिरोह भी अपने चमत्कार दिखाता रहा. शुरूआती 3 दिनों तक ऑनलाइन स्टांप पेपर को अमान्य बताकर व्यापारी द्वारा मंहगी दरों पर स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र बनाने को विवश किया गया. भर्ती में शामिल युवकों की शिकायत के बाद सेना के अधिकारियों ने यूपी के स्टांप वेंडर को शपथ पत्र बनाकर देने से मना किया. जिन युवकों के पास शपथ पत्र नही हैं, उन्हें शपथ पत्र बाद में बीआरओ कार्यालय में जमा करने की सुविधा दी गयी है.

अब तक 10 से ज्यादा बाहरी प्रदेशों के जालसाज पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गए हैं. ये जालसाज फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र आदि के अलावा पैसे लेकर भर्ती करवाने के नाम पर ठगी में संलिप्त थे.    

(इनपुट: दैनिक जागरण, अमर उजाला और इन्टरनेट)

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Sudhir Kumar

View Comments

  • क्या ये सही हुवा ? आयु की दृष्टि से कई युवाओ का ये अंतिम वर्ष रहा होगा और उसने खूब तेयारी भी की होगी ! इसे किसका दुर्भाग्य कहे !

Recent Posts

धरती की 26 सेकंड वाली धड़कन: लोककथा और विज्ञान का अद्भुत संगम

दुनिया के अनेक लोक कथाओं में ऐसा जिक्र तो आता है कि धरती जीवित है,…

1 day ago

कथा दो नंदों की

उपकोशा की चतुराई, धैर्य और विवेक से भरी कथा के बाद अब कथा एक नए…

1 day ago

इस बदलते मौसम में दो पहाड़ी रेसिपी

पहाड़ों में मौसम का बदलना जीवन की गति को भी बदल देता है. सर्दियों की…

2 days ago

अल्मोड़े की लखौरी मिर्च

उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक संपदा, पारंपरिक खेती और लोक संस्कृति के लिए जाना जाता है. पहाड़…

2 days ago

एक गुरु की मूर्खता

केरल की मिट्टी में कुछ तो है, या शायद वहाँ की हवा में, जो मलयालियों…

2 days ago

अगर आपके घर में बढ़ते बच्चे हैं तो जरूर पढ़ें एकलव्य प्रकाशन की किताबें

अगर आपके घर में बढ़ते बच्चे हैं, तो उनके भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी केवल…

2 days ago