मडुआ: एक पहाड़ी अनाज का फर्श से अर्श तक का सफर

8 years ago

मडुआ, मंडुआ, क्वादु और कोदा नाम से पहचाने जाने वाले अनाज को लम्बे समय तक उत्तराखण्ड में वह सम्मान नहीं…

1842 से छप रहे हैं उत्तराखण्ड में अखबार

8 years ago

उत्तराखंड में पत्रकारिता की शुरूआत -विनीता यशस्वी पहले अखबार उत्तराखंड के कुमाऊनी व गढ़वाली दोनों इलाकों में पत्रकारिता का इतिहास…

उत्तराखण्ड में कृषि और शराब पर ब्रिटिशकालीन रिपोर्ट

8 years ago

उत्तराखंड में आज शराब अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत स्तंभ बन गयी है. शराब बंदी का नारा देकर सरकार बनाने वाली…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 81

8 years ago

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

देश में विभिन्न रूपों में मनाया जाता है मकर संक्रान्ति का त्यौहार

8 years ago

मकर संक्रान्ति भारत और नेपाल के हिंदुओं द्वारा मनाये जाने वाले प्रमुख त्यौहारों में से एक है. मकर संक्रान्ति का…

सरदार मान सिंह के रूप में सुन्दरलाल बहुगुणा

8 years ago

तीन बेटों और दो बेटियों के बाद 9 जनवरी 1927 को टिहरी रियासत के वन अधिकारी अम्बादत्त बहुगुणा के घर…

हुड़के की गमक और हुड़किया बौल

8 years ago

उत्तराखण्ड में लोकगीतों की लम्बी परम्परा रही है. यह हमारा दुर्भाग्य है कि इसे लिखित रूप में सहेज कर रखने…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 80

8 years ago

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

गंदरायण: अंतर्राष्ट्रीय ठसक वाला पहाड़ी मसाला

8 years ago

गंदरायण, गंदरायणी, गंदरायन या छिप्पी नामों से जाना जाने वाला हिमालयी मसाला ठेठ पहाड़ी खान-पान का अहम मसाला है. राजमा,…

आसमान टूट पड़ा

8 years ago

कहो देबी, कथा कहो – 27 पिछली कड़ी: कहो देबी, कथा कहो – 26 चंद्रशेखर लोहुमी को जानते हैं आप?…