रात की पार्टी समाप्त होने के बाद अगले दिन मुहल्ले के हर कायाधारी के चेहरे पर अजीब सी खुशी के…
भमोरा, कॉर्नस कैपिटाटा (Cornus Capitata) उत्तराखंड के कुमाऊँ की पहाड़ियों में खिला अद्भुत फूल बहुत से प्राकृतिक रहस्यों को छुपाए…
कुमाऊँ के उच्च हिमालयी क्षेत्रों के आसपास के जंगलों में देर शाम और सुबह एक बच्चे के रोने की आवाज…
अठहत्तर साल के धनीराम जी कुमाऊँ की गौरवशाली काष्ठकला परंपरा के आखिरी उस्ताद ध्वजवाहक हैं. उन्होंने आज से साठ बरस…
गढ़वाल शैली की चित्रकला के प्रवर्तक महान चित्रकार और कवि मौलाराम (1743-1833) की कला बहुत लम्बे समय तक जनता के…
पहाड़ में रोजगार को लेकर पलायन की कहानियां अक्सर सुनने को मिलती हैं. कभी पानी का न होना तो कभी…
बरसात के बाद मौसम में पहाड़ हरी लम्बी घास से लद जाते हैं. इस घास का प्रयोग यहां के लोग…
वर्ष 1913 एक दिन, करीब 8 बजे जब मैं किच्छा में एक स्कूल का निरीक्षण कर रहा था, एक अध्यापक…
अपनी जिंदगी के किसी पुराने टुकड़े को एकदम जीवंत रूप में देखना कितना रोमांचकारी होता है, इसका अहसास मुझे कुछ…
सी. डब्लू. मरफी की किताब ‘अ गाइड टू नैनीताल एंड कुमाऊँ’ (1906) से आप अनेक दिलचस्प विवरण पढ़ चुके हैं.…