नजर लगने से बचाने के लिये आमा-बूबू के टोने टोटके

5 years ago

जिसने मेरे लाल को नजर लगायी उसकी आँखें जल कर छार हो जाईं. रसोई में जलती बांज कुकाट की लकड़ियों…

पहाड़ की कहानी : हरिया हरफनमौला

5 years ago

दुकान वाले मोहन दा के हाथ से चाय का गिलास थामते हुए पद्मा दत्त लोहनी ने अपनी कुर्सी  दूसरी  ओर…

26 जनवरी की परेड में दिखाई देगी उत्तराखण्ड की झांकी

5 years ago

इस साल गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली के राजपथ में होने वाली परेड में उत्तराखण्ड की झांकी भी दिखाई…

एक मरा हुआ मनुष्य इस समय जीवित मनुष्य की तुलना में ज़्यादा कह रहा है: मंगलेश डबराल की याद में

5 years ago

मैं जब भी यथार्थ का पीछा करता हूं देखता हूं वह भी मेरा पीछा कर रहा है मुझसे तेज़ भाग…

नागाओं के गौरवशाली अतीत का उत्सव : हॉर्नबिल फ़ेस्टिवल

5 years ago

पहाड़ी से उतरती एक कच्ची सड़क ने हमें फ़ेस्टिवल के वेन्यू पर लाकर छोड़ दिया. किसामा नाम के इस विरासती…

काली कुमाऊं के वीर भ्यूंराज की मार्मिक कथा

5 years ago

घटना कुमाऊं के अंतिम चंद राजा मोहन चंद के काल (सन् 1777 से 1788 ई.) की है. इस समय कुमाऊं…

हरकुवा गांठी के किस्से

5 years ago

हरक सिंह पुराने बॉडी बिल्डर थे. जन्मजात गुस्सैल थे. बात-बात पर हाथ छोड़ देना उन्हें अच्छा लगता था. दुनिया में…

एक सरकारी स्कूल की सच्ची कहानी जिसकी दीवारों पर बच्चों ने अपने सपने रंगे हैं

5 years ago

एक स्कूल हो ऐसा जिसका हर कोना इतना सुंदर हो कि उससे बाहर जाने का मन ही न हो. ये…

हर गांव में एक न एक मोहन दा जरूर होता है

5 years ago

मैंने मोहनदा को होश सँभालने के साथ-साथ देखा था. जैसे गाँव के अन्य दूसरे लोगों को देखा जाता है, पहचाना…

इंद्रसभा के आमंत्रण षड्यंत्र होते हैं

5 years ago

“अरी ऐरी आली!”(Satire by Priy Abhishek 2021) “हाँ सखी!” “आली, पूछ न क्या गजब हुआ उस दिन!” “क्या हुआ सखी,…