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ख़ानसामा, कंडक्टर और ऑटो ड्राइवर के करोड़पति बनने की कहानी : भर्ती घोटाला

उत्तराखंड में चल रहे भर्ती घोटाले में एक से एक सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं. करीब 35 से अधिक व्यक्ति भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किये जाने की बात कही जा रही है. तैयारी करने वाला युवा सड़कों पर हैं और सरकार ने कई भर्तियाँ निरस्त कर दी हैं फिर भी आगे का रास्ता किसी को भी साफ नजर नहीं आ रहा है.
(Uttarakhand Bharti Scam 2022 Accused)

भर्ती घोटाले को करीब 100 करोड़ से ऊपर का बताया जा रहा बावजूद इसके राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में इसे लेकर किसी भी प्रकार की बात नहीं हो रही है. स्थानीय अख़बारों ने इसे जरुर हर दिन पहले पन्ने पर उठाया है. स्थानीय स्तर पर नेताओं ने इस पर बयानबाजी तो खूब की है लेकिन विपक्ष की ओर से अब तक किसी भी प्रकार का कोई बड़ा प्रदर्शन नहीं किया गया है. अभी तक राज्य में हो रहे प्रदर्शन युवाओं द्वारा बिना राजनैतिक पार्टियों से जुड़कर ही हो रहे हैं.

हाकम सिंह, चंदन मनराल और केंद्रपाल यह तीन नाम हैं जिन्हें अब तक इन घोटाले का सरगना माना जा रहा है. अब तक लगे आरोपों की सच्चाई न्यायालय या जांच संस्था तय करेगी पर इन तीनों की तरक्की की कहानी बड़ी अजब है. एक समय कोई खाना बनाने का काम करता था तो कोई ऑटो चलाता था पर आज करोड़ों की सम्पत्ति के मालिक हैं.    

हाकम सिंह की बात की जाय तो कहा जा रहा है कि वह पहले उत्तरकाशी के एक डीएम के घर में खाना बनाने की नौकरी पर लगे. डीएम साहब को हाकम की सेवा पसंद आई या न जाने क्या वह उसे अपने साथ हरिद्वार ले आये. हरिद्वार में वह उनके ड्राईवर हो गये. यहां से हाकम सिंह न जाने कौन सी जादू की छड़ी मिली की आज उनके पास उत्तरकाशी में एक लग्जरी रिजार्ट है. रिजार्ट में बड़े-बड़े अधिकारी और मंत्रियों की तस्वीरें सोशियल मीडिया पर मौजूद हैं. हाकम सिंह भाजपा नेता भी हैं और जिला पंचायत सदस्य भी रहे. वर्तमान में भाजपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है.
(Uttarakhand Bharti Scam 2022 Accused)

चंदन मनराल की कहानी सूर्यवंशम फिल्म के अमिताभ बच्चन से मिलती-जुलती है. चन्दन मनराल के करियर की शुरुआत एक बस कंडक्टर से होती है. फिर वह एक बस खरीदते हैं फिर दो बस और फिर बसों की लाइन. मामले में आरोप है कि वर्तमान में उनके पास 100 करोड़ से भी अधिक नेटवर्थ है.        

केंद्रपाल के करोड़पति बनने की कहानी भी दिलचस्प है. धामपुर के रहने वाले केंद्रपाल ऑटो ड्राईवर थे. केंद्रपाल ने धंधा बदलकर एक कपड़े की दुकान में नौकरी शुरु की और वहीं उनकी मुलाकात हाकम सिंह से होती है. आरोप है कि केंद्रपाल के पास भी आज बेतहासा संपत्ति है. जांच एजेंसी अब यूकेएसएससी के अधिकारी और कर्मचारियों की सम्पत्ति की जांच भी कर रही है. अब तक की जांच में यह बात सामने आ रही है कि उसकी एक स्नातक स्तरीय परीक्षा में अब तक 260 लोगों ने 15 से 10 लाख रूपये में पेपर खरीदा गया. यह केवल एक परीक्षा पर आरोप है.
(Uttarakhand Bharti Scam 2022 Accused)

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