धर्मेन्द्र

हल्द्वानी में यादों की बरात और शेट्टी की खोपड़ीहल्द्वानी में यादों की बरात और शेट्टी की खोपड़ी

हल्द्वानी में यादों की बरात और शेट्टी की खोपड़ी

नाहिद में 'यादों की बारात' लगी थी. जमाने के टाइम के तकाज़े के हिसाब से हम चार दोस्त जीनातमान के…

6 years ago
बासु चटर्जी की फिल्म दिल्लगी: सूक्ष्म मनोविज्ञान की गहरी पकड़बासु चटर्जी की फिल्म दिल्लगी: सूक्ष्म मनोविज्ञान की गहरी पकड़

बासु चटर्जी की फिल्म दिल्लगी: सूक्ष्म मनोविज्ञान की गहरी पकड़

फिल्म दिल्लगी(1978) में सट्ल ह्यूमर (Subtle humour) की श्रेष्ठ बानगी देखने को मिलती है. फिल्मकार ने, मानव- स्वभाव के सूक्ष्म…

6 years ago