अ गाइड टू नैनीताल एंड कुमाऊं

120 साल पहले ऐसे जाते थे काठगोदाम-नैनीताल से अल्मोड़ा120 साल पहले ऐसे जाते थे काठगोदाम-नैनीताल से अल्मोड़ा

120 साल पहले ऐसे जाते थे काठगोदाम-नैनीताल से अल्मोड़ा

सी. डब्लू. मरफी की किताब ‘अ गाइड टू नैनीताल एंड कुमाऊँ’ (1906) से आप अनेक दिलचस्प विवरण पढ़ चुके हैं.…

6 years ago
कुमाऊँ-गढ़वाल में बाघ के बच्चे को मारने का दो रुपये ईनाम देती थी क्रूर अंग्रेज सरकारकुमाऊँ-गढ़वाल में बाघ के बच्चे को मारने का दो रुपये ईनाम देती थी क्रूर अंग्रेज सरकार

कुमाऊँ-गढ़वाल में बाघ के बच्चे को मारने का दो रुपये ईनाम देती थी क्रूर अंग्रेज सरकार

आज जब कि सारी दुनिया में वन्यजीवों को बचाने के लिए आन्दोलन चलाये जा रहे हैं और सरकारें ‘बाघ बचाओ’…

6 years ago
तब काठगोदाम से नैनीताल जाने के लिए रेलवे बुक करता था तांगे और इक्केतब काठगोदाम से नैनीताल जाने के लिए रेलवे बुक करता था तांगे और इक्के

तब काठगोदाम से नैनीताल जाने के लिए रेलवे बुक करता था तांगे और इक्के

1906 में छपी सी. डब्लू. मरफ़ी की किताब 'अ गाइड टू नैनीताल एंड कुमाऊं' में आज से कोई 120 बरस…

6 years ago