Featured

नई उम्मीद जगाता है अल्मोड़ा के बच्चों और युवाओं का यह साथ

पहाड़ के बच्चों को जरा सी उजली रौशनी मिले तो वह कितनी लम्बी छलांग लगा सकते हैं इसके अनेक उदाहरण आज देश और दुनिया में महत्वपूर्ण पदों पर बैठे अनेक पहाड़ी हैं. संघर्ष की तपिश में गर्मा उनका अनुभव आज मानव सभ्यता के विकास में इतिहास लिख रहा है. संभावनाओं से भरे पहाड़ में बच्चों को मार्गदर्शन की रौशनी देने वाली एक संस्था का नाम है एसआरआई माने सेल्फ रिलायंट इंडिया.
(Self Reliant India Almora)

उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में एक गैर सरकारी संस्था सेल्फ रिलायंट इंडिया, बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिये उनकी साथी बन रही है. संस्था के संस्थापक सुरेन्द्र यादव के अनुसार हमने किताबों और लेखों में सुना है कि पहाड़ का पानी और जवानी उसके काम की नहीं है पानी का तो नहीं पता पर हम जानते हैं पहाड़ की जवानी अगर पहाड़ की होकर रहे तो पहाड़ के पानी को भी खूब काम में ले आयेगी.

सुरेन्द्र बताते हैं कि एक उम्र में सही मार्गदर्शन मिले तो बच्चों का सुनहरा भविष्य निश्चित है. अल्मोड़ा में हम बच्चों को नवोदय और सैनिक विद्यालयों में प्रवेश परीक्षा के लिये निःशुल्क तैयारी करवा रहे हैं. हम सरकारी स्कूलों के बच्चों को स्कूल के बाद 2 से 3 घंटे तैयारी करा रहे हैं. इस प्रोग्राम की ख़ास बात यह है कि अल्मोड़ा के बच्चों के सपनों में रंग स्थानीय युवा ही भर रहे हैं.
(Self Reliant India Almora)

उम्मीद और उत्साह से भरे युवा अपने से छोटों के भविष्य को रंगने में जीतोड़ मशक्कत करते हैं. बच्चों के साथ मेहनत कर रहे इन युवाओं की आँखों में बहुत से सपने दिखते हैं कुछ पूरे, कुछ अधूरे. शायद यही वो सपने भी हैं जो उनको बच्चों के साथ इस कदर जोड़कर रखते हैं. सुरेन्द्र यादव की संस्था इन युवाओं के मनोबल को बनाये रखने के लिये उन्हें मासिक वेतन भी दे रही है. सेल्फ रिलायंट इंडिया संस्था के साथी फ़िलहाल यह प्रोग्राम अल्मोड़े के आसपास के क्षेत्र में तीन से चार स्कूलों के साथ चला रहे हैं भविष्य में इस प्रोग्राम को पहले अल्मोड़ा और फिर पूरे उत्तराखंड में चलाने की योजना भी बनाई जा रही है.

संस्था के संस्थापक सुरेंद्र यादव ने बताया कि हमारी योजना 1 जनवरी से और कक्षाएं प्रारंभ करने की है जिसके लिये अभी हम कुछ युवा लोगों की तलाश भी कर रहे हैं. हम चाहते हैं कि हमसे ऐसे युवा जुड़ें जो पहाड़ में रहकर पहाड़ के लिये कुछ करना चाहते हैं.
(Self Reliant India Almora)

काफल ट्री फाउंडेशन

Support Kafal Tree

.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

बजट में युवाओं के लिए योजना का ढोल है पर उसकी गमक गुम है

उत्तराखंड के आय व्यय लेखे 2026-27 को समझते हुए यह आशंका उभरती है की क्या…

2 weeks ago

जापान में आज भी इस्तेमाल होती है यह प्राचीन भारतीय लिपि

भाषाओं का इतिहास हमेशा रोचक रहा है. दुनिया की कई भाषाओं में ऐसे शब्द मिलते…

2 weeks ago

आज है उत्तराखंड का लोकपर्व ‘फूलदेई’

उत्तराखंड को केवल 'देवभूमि' ही नहीं, बल्कि उत्सवों की भूमि कहना भी बिल्कुल सटीक होगा. यहाँ साल भर…

2 weeks ago

द्वी दिना का ड्यार शेरुवा यौ दुनीं में : अलविदा, दीवान दा

‘यौ डाना कौ पारा, देख्यूंछ न्यारा-न्यारा’ दीवान सिंह कनवाल की आवाज़ में ये गीत पहली कुमाऊनी फ़िल्म…

3 weeks ago

हिमालय को समझे बिना उसे शासित नहीं किया जा सकता

कुमाऊं-गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र के लिए भिन्न प्रशासन, विशेष नीति या मैदानी भागों से भिन्न व्यवस्था…

3 weeks ago

पहाड़ों का एक सच्चा मित्र चला गया

बीते दिन सुबह लगभग चार बजे एक ऐसी खबर आई जिसने कौसानी और लक्ष्मी आश्रम…

3 weeks ago