Featured

रुद्रप्रयाग में टॉस से हुआ चुनाव का फैसला

उत्तराखंड में बीते रविवार हुए स्थानीय निकाय चुनावों के परिणाम आना शुरू हो गए हैं. स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है और ऐसा होने में अभी कुछ घंटों का समय और लग सकता है.

सभी स्थानों पर अनेक चरणों में मतगणना जारी है.

एक दिलचस्प समाचार गढ़वाल के देवप्रयाग से आया है. स्थानीय सूत्रों एवं आम जन द्वारा यहाँ के वार्ड नम्बर दो में सभासद पद के लिए निर्दलीय सुनीता देवी और निर्दलीय संगीता देवी के मध्य दिलचस्प मुकाबला होने की सम्भावानाएं काफी समय पहले से व्यक्त की जा रही थीं. बीती दिनांक 18 नवम्बर 2018 को हुए निकाय चुनाव के बाद  जब इस वार्ड की मतपेटियां खोली गईं और गणना प्रक्रिया पूरी हुई तो मतदान अधिकारी, दोनों के एजेंट एवं सभी उपस्थित लोग अचरज में आ गए.

इस दिलचस्प मुकाबले का अंत टाई पर हुआ. जहाँ सुनीता देवी ने कुल मिलाकर एक सौ अड़तालीस मत प्राप्त किये वहीं उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी संगीता देवी ने भी कुल उतने ही अर्थात एक सौ अड़तालीस ही मत प्राप्त किये. इस से दोनों प्रत्याशियों के खेमों में आनंद और अचरज की लहर दौड़ गयी. सभी असमंजस में थे कि आगे क्या होगा. यानी देवप्रयाग के वार्ड नंबर दो से अगला सभासद कौन होगा.

अंततः  सुनीता देवी और संगीता देवी, दोनों की साझा सहमति से चुनाव अधिकारी द्वारा चुनाव का फैसला टॉस के माध्यम से करने का फैसला किया गया. दोनों खेमों के लिए टॉस के पहले के कुछ क्षण बेहद भारी थे. अंततः सिक्का उछाला गया, हेड और टेल्स बोले गए और सेकेंडों के भीतर दोनों के भाग्य का फैसला हो गया.

अब से संगीता देवी देवप्रयाग के वार्ड नंबर दो से अगली सभासद होंगी.

 

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

एटकिंसन : पहाड़ आधारित प्रशासन का निर्माता

तत्कालीन नार्थ वेस्टर्न प्रोविनेंस यानी उत्तर प्रदेश के जिस ब्रिटिश अधिकारी ने उन्नीसवीं शताब्दी के…

3 days ago

बीमारी का बहम और इकदँडेश्वर महाराज का ज्ञान

संसार मिथ्या और जीवन भ्रम है, मनुष्य का मानना है वह जीवों में श्रेष्ठ व बुद्धिमान…

4 days ago

शकटाल का प्रतिशोध

पिछली कथा में हमने देखा कि कैसे योगनंद सत्ता तक पहुँचा, शकटाल ने अपने सौ पुत्र…

5 days ago

बजट में युवाओं के लिए योजना का ढोल है पर उसकी गमक गुम है

उत्तराखंड के आय व्यय लेखे 2026-27 को समझते हुए यह आशंका उभरती है की क्या…

1 month ago

जापान में आज भी इस्तेमाल होती है यह प्राचीन भारतीय लिपि

भाषाओं का इतिहास हमेशा रोचक रहा है. दुनिया की कई भाषाओं में ऐसे शब्द मिलते…

1 month ago

आज है उत्तराखंड का लोकपर्व ‘फूलदेई’

उत्तराखंड को केवल 'देवभूमि' ही नहीं, बल्कि उत्सवों की भूमि कहना भी बिल्कुल सटीक होगा. यहाँ साल भर…

1 month ago