भारत में लोकसभा चुनाव 2019 के चुनाव के पहले चरण के मतदान हो चुके हैं. 543 सीटों में से इस चरण में 91 लोकसभा सीटों पर चुनाव कराये गये. इस चरण में 20 राज्यों व केन्द्रशासित प्रदेशों में चुनाव कराये गए. लोकसभा चुनाव के साथ ही आज आंध्रप्रदेश, सिक्किम और उड़ीसा के विधानसभा चुनाव भी संपन्न हुए.
उत्तराखंड की पांचो लोकसभा सीट पर मतदान पहले चरण में ही संपन्न हो गया है. सुबह मतदान धीमी गति से शुरू हुआ दोपहर तीन बजे तक उत्तराखंड राज्य में 46.59% मतदाताओं ने अपना वोट दिया. दोपहर के बाद भीड़ में कमी दर्ज हुई.शाम ढलनने तक राज्य में कुल 57.85 प्रतिशत मतदान हुआ.
उत्तराखंड में कुल 88 हजार 200 सर्विस वोटर हैं. सर्विस वोटर वे वोटर होते हैं जो भारतीय सेना, अर्द्ध-सैनिक बल, राज्य व केंद्र पुलिस बलों में तैनात और भारत सरकार के अधीन देश से बाहर तैनात भारतीय नागरिक होते हैं.
इस बार सर्विस वोटर के बेहतर प्रयोग के लिए चुनाव आयोग ने बैलट पेपर पर बारकोड की व्यस्था भी की है. बैलट पेपर के मत और एवीएम के मतों की गणना में मिलान के कारण इस बार उत्तराखंड में 23 मई को आने वाले चुनाव परिणाम में देरी भी होगी.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अब प्रत्येक विधानसभा से पांच ईवीएम मशीनों और बैलट पेपर में मिलान होगा इस लिहाज से उत्तराखंड में 350 मशीनों का मिलान बैलट पेपर से किया जायेगा. इस तरह अंतिम परिणाम 23 मई शाम छः बजे तक आने की संभावना है.
उत्तराखंड के इतिहास में यह पहला मौका है जब गंगोत्री धाम में भी पोलिंग बूथ बनाया गया है. समुद्रतल से 3140 मीटर की उंचाई पर स्थित यह उत्तराखंड के सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित पोलिंग बूथ है. गंगोत्री क्षेत्र टिहरी लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है. इस पोलिंग बूथ में कुल वोट देने वाले मतदाता 141 हैं जिनमें 133 पुरुष और 8 महिलाएं हैं.
-काफल ट्री डेस्क
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