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आज मनाया जाता है दसौर यानी गंगा दशहरा पर्व

पहाड़ों में इसे दसार या दसौर भी कहते हैं. दसार या दसौर यानी गंगा दशहरा. उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में इस पर्व की खूब मान्यता है. इस वर्ष गंगा दशहरा 16 जून को पड़ रहा है. कुमाऊं क्षेत्र के हिस्सों में आज के दिन घरों के मुख्य दरवाजों के ऊपर और मंदिरों में गंगा दशहरा पत्र लगाया जाता है.
(Ganga Dashahara 2024 Uttarakhand)

पुरोहितों द्वारा इस दिन अपने यजमानों को गंगा दशहरा पत्र घर-घर दिए जाने की परम्परा रही है. दशहरा पत्रों के बदले पुरोहितों को यजमान दक्षिणा में चावल इत्यादि देते हैं. गंगा दशहरा पत्र को मुख्य द्वार के ऊपर लगाने के पीछे मान्यता है कि गंगा दशहरा पत्र लगाने के बाद प्राकृतिक आपदाओं और आसमान से गिरने वाली बिजली से घर की सुरक्षा होती है. यह विश्वाश है कि द्वार पर गंगा दशहरा पत्र वज्रपात से सुरक्षा तो होती ही है साथ में चोरी, अग्नि आदि का भी भी नहीं रहता.

गंगा दशहरा प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाये जाने का रिवाज रहा है. प्रत्येक दशहरा पत्र पर एक श्लोक/मंत्र लिखा जाता है जो कुछ इस तरह है –

अगस्त्यश्च पुलस्त्यश्च वैशम्पायन एव च
सुमन्तुजैमिनिश्चैव पञ्चैते वज्रवारका:
मुने: कल्याणमित्रस्य जैमिनेश्चापि कीर्तनात्
विद्युदग्निभयं नास्ति लिखितं गृहमण्डले
यत्राहिशायी भगवान् यत्रास्ते हरिरीश्वर:
भङ्गो भवति वज्रस्य तत्र शूलस्य का कथा

गंगा दशहरा पर्व के संबंध है यह माना जाता है कि आज के दिन ही गंगा धरती पर अवतरित हुई थी. मान्यता है कि इस दिन गंगा में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. पहाड़ में हर छोटी-बड़ी नदी को गंगा का ही रूप माना जाता है. पहाड़ों में आज के दिन सभी लोग अपने आस-पास की छोटी-छोटी नदियों में स्नान करते हैं.
(Ganga Dashahara 2024 Uttarakhand)

पहाड़ के लोग इस दिन सरयू व गोमती के संगम स्थल में स्नान कर पुण्य प्राप्त करते हैं. मशीनी युग का प्रभाव इस पर्व में भी देखने को मिलता है. एक समय ब्राह्मण द्वारा अपने हाथों से गंगा दशहरा पत्र बनाकर यजमानों को दिया जाता था. ब्राह्मण गंगा दशहरा पत्र में बनी ज्यामिती आकृति में रंग भरने के लिए पुरोहित दाड़िम, बुरांश, अखरोट आदि से प्राकृतिक रंग बनाया करते थे. लेकिन वर्तमान में इसके स्थान पर प्रेस में छपे हुए प्रिंटेड पत्र रिवाज दिए जाने का रिवाज चल पड़ा है. अब एक ही पत्र की सैकड़ों फोटो प्रतियाँ करवा कर अपने यजमानों को बांट दी जाती हैं.
(Ganga Dashahara 2024 Uttarakhand)

यहां देखिये हाथ से बनाये गये गंगा दशहरा पत्र की फोटो:

फोटो : ज्ञान पंत की फेसबुक वाल से.
फोटो : चंद्रशेखर तिवारी की फेसबुक वाल से.
फोटो : गणेश पांडे की फेसबुक वाल से.

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