जयमित्र सिंह बिष्ट

अल्मोड़ा की जादुई सुबह: फोटो निबंध

संस्कृति और सभ्यता की एक ख़ास खुशबू में लिपटे अल्मोड़ा को और ख़ास बना देती है उसकी भौगोलिक स्थिति. कोसी और सुयाल नदी के बीच बसा अल्मोड़ा, कुमाऊं हिमालय की दक्षिणी चोटी के दोनों ओर बसा है. अल्मोड़ा कुमाऊं ही नहीं बल्कि भारत के सबसे पुराने आधुनिक शहरों में एक है.
(Almora Photo Essay)

कुमाऊं हिमालय की जिस चोटी पर अल्मोड़ा स्थित है उसके पूर्वी भाग को तेलीफट और पश्चिमी भाग को सेलीफट के नाम से जाना जाता है. चोटी के शीर्ष पर जहां तेलीफट और सेलीफट मिलते हैं वहां पर अल्मोड़ा बाज़ार स्थित है.  

अपनी इसी भौगोलिक बनावट के चलते अल्मोड़ा की खूबसूरती के आगे देश और दुनिया के बड़े-बड़े लोग नतमस्तक हुये हैं. सुकून देने वाली अल्मोड़ा की सुबह और शाम सबकुछ भूला देती है. बारिश के बाद का मौसम अल्मोड़ा के मौसम को और ख़ुशनुमा बना देता है. इस सब पर चांद की रौशनी में नहाते जीवंत अल्मोड़ा को केवल महसूस किया जा सकता है. सफ़ेद बादलों के आगोश में हिमालय की दिखती-छुपती चोटियों के दुर्लभ दृश्य का जो आनन्द अल्मोड़ा में है वह अन्य जगह नहीं.
(Almora Photo Essay)

काफल ट्री के अनन्य साथी जयमित्र सिंह बिष्ट के कैमरे से देखिये अल्मोड़ा की सुबह का जादू:

फोटो : जयमित्र सिंह बिष्ट
अल्मोड़ा शहर से सुबह के समय हिमालय की चोटियां. फोटो : जयमित्र सिंह बिष्ट
सुबह के समय अल्मोड़ा शहर से हिमालय की चोटी- चौखंम्बा और नीलकंठ. फोटो : जयमित्र सिंह बिष्ट
स्याहीदेवी से हिमालय की चोटी- नंदाघुंघटी, त्रिशूल, नंदादेवी, नंदाकोट (बाएं से दाएं) फोटो : जयमित्र सिंह बिष्ट
कसार देवी. फोटो : जयमित्र सिंह बिष्ट
फोटो : जयमित्र सिंह बिष्ट
कसार देवी.फोटो : जयमित्र सिंह बिष्ट
डोलीडाना . फोटो : जयमित्र सिंह बिष्ट
फोटो : जयमित्र सिंह बिष्ट
शीतलाखेत की एक सुबह. फोटो : जयमित्र सिंह बिष्ट
(Almora Photo Essay)

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जयमित्र सिंह बिष्ट
अल्मोड़ा के जयमित्र बेहतरीन फोटोग्राफर होने के साथ साथ तमाम तरह की एडवेंचर गतिविधियों में मुब्तिला रहते हैं. उनका प्रतिष्ठान अल्मोड़ा किताबघर शहर के बुद्धिजीवियों का प्रिय अड्डा है. काफल ट्री के अन्तरंग सहयोगी.

इसे भी पढ़ें : अल्मोड़े में होली के रंग: फोटो निबंध

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