रेडियो में बैठे कई लोगों का मानना है कि क्रिकेट की लोकप्रियता के हमारे यहाँ सर चढ कर बोलने का कारण असल में रेडियो पर भाषाई और खासकर हिंदी की कमेंटरी ही है.इस पर किसी तरह की चर्चा यहाँ नहीं की जा रही सिर्फ इतना ही कि पुराने दौर की रेडियो की हिंदी कमें... Read more
दुनिया के अनेक लोक कथाओं में ऐसा जिक्र तो आता है कि धरती जीवित है, वह सांस लेती है, महसूस करती है और कभी कभी अपने भीतर की आवाज भी सुनाती है. भारत में भी धरती को माँ कहा जाता है. हम उसे धरती माँ कहते हैं, जो सबको जन्म देती है और सबको अपने […] Read more
अगर आपके घर में बढ़ते बच्चे हैं, तो उनके भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी केवल अच्छे अंक नहीं, बल्कि उनकी सोच है. आज के समय में जब सूचनाओं की भरमार है, तब बच्चों को यह सिखाना और भी ज़रूरी हो जाता है कि वे हर बात को समझें, परखें और सवाल पूछें. वैज्ञानिक सोच... Read more
इस कहानी को विलियम एस. सैक्स की पुस्तक God of Justice से लिया गया है. यह पुस्तक गढ़वाल और मध्य हिमालय क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं और लोकदेवताओं पर आधारित एक अध्ययन है. पुस्तक में भैरव जैसे देवताओं की पूजा, उनसे जुड़े अनुष्ठान और स्थानीय समाज में उनकी... Read more
उन्नीसवीं शताब्दी के आरंभिक दशकों में लिखे गए यात्रा-वृतांत भारत के सामाजिक, प्रशासनिक और भौगोलिक इतिहास को समझने के महत्त्वपूर्ण स्रोत माने जाते हैं. रेजिनाल्ड हेबर द्वारा रचित ‘नैरेटिव ऑफ़ ए जर्नी थ्रू द अपर प्रोविन्सेज़ ऑफ़ इंडिया’ इसी... Read more
विश्व के लगभग हर महाद्वीप में ऐसे व्यक्ति पाए जाते हैं जिन्हें बीमारी, संकट और मानसिक असंतुलन से निपटने का विशेष अधिकार दिया जाता है. मानवशास्त्र में इन्हें सामान्यतः शामन कहा जाता है. साइबेरिया, मध्य एशिया, उत्तरी अमेरिका, अमेज़न और अफ्रीका के कई सम... Read more
हिमालय, पलायन और उत्तराखंड के भविष्य की चेतावनी पलायन कोई नया शब्द नहीं है; सभ्यताओं का इतिहास ही दरअसल मनुष्य के स्थानांतरण का इतिहास है; कभी भोजन की तलाश में, कभी सुरक्षा के लिए, कभी बेहतर जीवन की आकांक्षा में. लेकिन इक्कीसवीं स... Read more
हर साल 14 नवंबर देश में भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है लेकिन नेहरू केवल बच्चों के चाचा ही नहीं थे वो प्रकृति, विशेषकर हिमालय और भारतीय पहाड़ों के अनूठे प्रेमी भी थे. उनके लेखन, भाषण और खासक... Read more
बहुत समय पहले तिब्बत में सोनपाल नाम का एक राजा राज करता था. उसकी सात बेटियाँ थीं, जिनमें सबसे बड़ी थी जोत्रामाला. उसकी सुंदरता ऐसी थी जैसे पूर्णिमा का चाँद धरती पर उतर आया हो. जोत्रामाला हर दिन देवी गंगा की आराधना करती और एक ही वर माँगती, “हे देवी, म... Read more
बहुत समय पहले कत्यूरगढ़ के सुंदर किले पर एक वीर और रूपवान राजा ब्रह्मदेव राज करते थे. उनके पिता का नाम गंभीरदेव था. ब्रह्मदेव दिखने में बहुत सुंदर और बलशाली थे — उनकी मूँछें शेर जैसी, आँखें हिरण जैसी और छाती चौड़ी थी.(Raja Brhmdev Uttarakhand Folk St... Read more
मैं मुरली मनोहर मंजुल बोल रहा हूँ
रेडियो में बैठे कई लोगों का मानना है कि क्रिकेट की लोकप्रियता के हमारे यहाँ सर चढ कर बोलने का कारण असल में रेडियो पर भाषाई और खासकर हिंदी की कमेंटरी ही है.इस पर किसी तरह की चर्चा यहाँ नहीं की जा रही सिर्फ इतना ही कि पुराने दौर की रेडियो की हिंदी कमें... Read more