बचपन से ही में मुझे शिकार खेलने का बहुत शौक था जो किशोरावस्था तक आते-आते और भी चरम सीमा पर चढ़ गया. शहर से जब भी गांव आना होता था मैं दूसरे दिन बंदूक उठा कर शिकार की तलाश में जंगल की ओर निकल जाया करता था. भले ही मैं बहुत अच्छा निशानेबाज शिकारी नहीं [... Read more